इस लेख में
संक्षिप्त उत्तर
एवोकाडो Persea americana का फल है और पेड़ पर लगे रहते हुए खाने योग्य मुलायम अवस्था तक नहीं पकता। परिपक्व फल काटने के बाद एथिलीन और श्वसन में बदलाव के साथ गूदा मुलायम होता है। फ्राइड एवोकाडो अरुगुला बर्गर में इसी गूदे को तलकर वीगन पैटी और अरुगुला के बीच रखा जाता है।
एवोकाडो पकने के तीन मुख्य बिंदु
- एवोकाडो Persea americana का फल है और लॉरेल कुल में आता है।
- यह पेड़ पर परिपक्व होता है, लेकिन मुलायम बनावट कटाई के बाद पकने से बनती है।
- फ्राइड एवोकाडो अरुगुला बर्गर कुरकुरी सतह, मुलायम गूदा और अरुगुला का तीखापन साथ रखता है।
विस्तार से
एवोकाडो लॉरेल कुल के पेड़ का फल है
एवोकाडो का वैज्ञानिक नाम Persea americana है और यह लॉरेल कुल (Lauraceae) में आता है। यह मध्य अमेरिका से उत्पन्न सदाबहार पेड़ का फल है, जिसकी खेती अब कई क्षेत्रों में होती है।
गूदे के बीच बड़ा बीज, मोटा छिलका और वसा से भरपूर मुलायम गूदा इसे दूसरे फलों से अलग बनाते हैं। फिर भी किस्म के अनुसार छिलके का रंग व मोटाई, आकार और पकने की गति बदलती है।
पेड़ पर मुलायम होकर नहीं पकता
एवोकाडो पेड़ पर परिपक्व होता है, लेकिन कटाई से पहले सामान्य अर्थों में पकना शुरू नहीं करता। कटाई के बाद ही गूदा खाने योग्य अवस्था तक मुलायम होता है।
इसलिए लंबे समय तक पेड़ पर लगा रहने मात्र से फल तुरंत मुलायम नहीं हो जाता। कटाई योग्य परिपक्वता और मेज़ पर खाने योग्य पकाव दो अलग अवस्थाएँ हैं।
कटाई के बाद श्वसन और एथिलीन प्रतिक्रिया बढ़ती है
एवोकाडो क्लाइमेक्टेरिक फल है, जिसमें कटाई के बाद श्वसन बढ़ते हुए पकाव आगे बढ़ता है। एथिलीन पकने की गति बढ़ाता और गूदे की कठोरता तेज़ी से घटाता है।
हाथ से दबाकर भीतर की अवस्था पूरी तरह नहीं जानी जा सकती, लेकिन बहुत कठोर या केवल एक जगह गहराई से धँसने वाला फल इस्तेमाल का समय चुनना कठिन बनाता है। यह भी ध्यान रखें कि किस्म और तापमान के अनुसार पकने की गति बदलती है।
मुलायम गूदा और कुरकुरी सतह एक टुकड़े में
पका एवोकाडो गूदा मसलने जितना मुलायम होता है, लेकिन आकार थामने लायक लचक बची हो तो टुकड़ा अपना रूप रखता है। तलने पर भीतर का गूदा और बाहरी सतह अलग बनावट बनाते हैं।
पके गूदे में आकार थामने लायक लचक बची हो तभी मुलायम भीतर और कुरकुरा बाहर साथ उभरते हैं। तैयार बर्गर में पैटी और पत्तेदार सब्ज़ियों तक क्रम से चबाई जाने वाली संरचना पर ध्यान दिया जा सकता है।

केवल छिलके के रंग से पकाव तय न करें
किस्म के अनुसार पके एवोकाडो का छिलका हरा रह सकता है या अलग सीमा तक गहरा हो सकता है। इसीलिए ‘काला होते ही पक गया’ नियम हर एवोकाडो पर लागू नहीं किया जा सकता।
Mahina Vegan Table किस्म के नाम के बजाय तैयार ‘फ्राइड एवोकाडो’ संरचना पर ध्यान देता है। बर्गर चुनते समय एवोकाडो, अरुगुला और पैटी की तीन अलग बनावटों के विरोधाभास की अपेक्षा करें।
एवोकाडो के बारे में प्रश्न
- क्या एवोकाडो पेड़ पर पकता है?
- यह पेड़ पर परिपक्व होता है, लेकिन खाने योग्य मुलायम अवस्था तक पकने की प्रक्रिया कटाई के बाद चलती है।
- क्या काला छिलका हमेशा पके एवोकाडो का संकेत है?
- पकने के बाद भी छिलके का रंग किस्म के अनुसार अलग रहता है, इसलिए केवल रंग से निर्णय कठिन है।
- कटा एवोकाडो भूरा क्यों हो जाता है?
- गूदा हवा के संपर्क में आने पर पॉलीफेनॉल ऑक्सिडेज़ से जुड़ी एंज़ाइमी भूरापन प्रक्रिया चलती है और भूरे रंगद्रव्य बनते हैं।
- क्या कठोर एवोकाडो तुरंत फ्रिज में रखना चाहिए?
- कम तापमान पकने की गति धीमी करता है। कठोर फल को पहले कमरे के तापमान पर देखते रहें और खाने योग्य मुलायम होने के बाद फ्रिज में रखकर गति धीमी करना व्यावहारिक है।
फ्राइड एवोकाडो, वीगन पैटी और अरुगुला तीन अलग बनावटों का विरोधाभास बनाते हैं।
फ्राइड एवोकाडो अरुगुला बर्गर देखें





