इस लेख में
  1. वायलिन कैप्रिस से लिया मुख्य विषय
  2. संगीत यात्राओं के बीच झील के किनारे बना घर
  3. मुख्य विषय से पहले रूपांतर और मध्ययुगीन प्रार्थना गीत
  4. धीमे हिस्से को समाप्त करता अठारहवाँ रूपांतर
  5. संगीतकार की बजाई पहली प्रस्तुति और बैले
  6. अलग से बजाया जाने वाला अठारहवाँ रूपांतर
  7. माहिना में सुनने का संगीत

संक्षिप्त उत्तर

राखमानिनोफ़ की रैप्सोडी ऑन अ थीम ऑफ़ पागानिनी का अठारहवाँ रूपांतर मूल वायलिन धुन को उलटकर बनाया गया है। ऊपर जाते स्वर नीचे और नीचे जाते स्वर ऊपर चलने लगते हैं। माइनर का मुख्य विषय मेजर के गीत में बदलता है। माहिना की दोपहर और शाम की सूचियों में सेसिल ऊसे की बजाई यह रचना है। चौबीस रूपांतरों में यह वह परिचित धुन है जिसे पहले पियानो गाता है और फिर तार वाद्य आगे बढ़ाते हैं।

विस्तार से

वायलिन कैप्रिस से लिया मुख्य विषय

पागानिनी ने बिना संगत वाले वायलिन के कैप्रिस नंबर 24 को ए माइनर के मुख्य विषय और ग्यारह रूपांतरों में बनाया। छोटे मुख्य विषय की शुरुआत में चार तेज़ सोलहवें नोट हैं। राखमानिनोफ़ ने पागानिनी के अंतिम कैप्रिस का विषय लेकर उसे पियानो और ऑर्केस्ट्रा के चौबीस रूपांतरों में ढाला। माहिना की दोनों सूचियों में साल्वातोरे अक्कार्दो का बजाया कैप्रिस नंबर 24 भी अलग से शामिल है। अकेले वायलिन की मूल रचना और पियानो तथा ऑर्केस्ट्रा की रैप्सोडी एक ही मुख्य विषय से जुड़ते हैं।

जाँ-ओगुस्त-दोमिनिक ऐंग्र की बनाई निकोलो पागानिनी की चित्रकृति।
जाँ-ओगुस्त-दोमिनिक ऐंग्र की बनाई निकोलो पागानिनी की चित्रकृति।

राखमानिनोफ़ से पहले शुमान, लिस्ट और ब्राह्म्स भी पागानिनी के संगीत को नए रूप में लिख चुके थे। एक वायलिनवादक के कौशल के लिए लिखे स्वर पियानो पर बैठे संगीतकारों की सामग्री बने। राखमानिनोफ़ ने छोटी भूमिका और चौबीस रूपांतर एक रचना में जोड़े। उनके जीवन के बाद के दौर की इस रचना में पहले से अधिक संक्षिप्त, तीखे स्वर-आकार और असंगत स्वरसमूह उभरते हैं। लंबे गीत जैसे अठारहवें रूपांतर के आसपास वे रूपांतर हैं जिनमें एकल वादक और ऑर्केस्ट्रा तेज़ स्वर एक-दूसरे को देते हैं।

संगीत यात्राओं के बीच झील के किनारे बना घर

1917 के अंत में रूस छोड़ने के बाद राखमानिनोफ़ स्टॉकहोम और कोपेनहेगन से होते हुए अमेरिका गए। इसके बाद उन्होंने हर वर्ष कई शहरों में प्रस्तुति देने वाले पेशेवर पियानोवादक का जीवन शुरू किया। उन्होंने रिकॉर्डिंग भी की और 1920 में विक्टर के साथ पहला रिकॉर्डिंग अनुबंध किया। 1930 में उन्होंने स्विट्ज़रलैंड की ल्यूसर्न झील के किनारे विला सेनार बनवाने का निर्णय लिया। लगातार संगीत यात्रा करने वाले कलाकार ने परिवार के साथ गर्मियाँ बिताने के लिए घर तैयार किया।

1870 से 1875 के बीच ली वेगिस और ल्यूसर्न झील की तस्वीर।
1870 से 1875 के बीच ली वेगिस और ल्यूसर्न झील की तस्वीर।

राखमानिनोफ़ ने वास्तुकार से अपने काम के कमरे को घर का सबसे अच्छा कमरा बनाने को कहा। वह झील की ओर बड़ी खिड़की चाहते थे। न्यूयॉर्क में मिली निर्माण योजना पर उन्होंने तुरंत राय भेजी। दीवारों पर वॉलपेपर लगाने के बजाय वह उन्हें चिकना करके रंगवाना चाहते थे। 1934 में नए घर में जाने के आसपास स्टाइनवे का उनके साठवें जन्मदिन पर दिया ग्रैंड पियानो भी पहुँच गया। उन्होंने उसे काम के कमरे में रखा। रैप्सोडी पूरी करने वाली गर्मी के जीवन में वास्तुकार को लिखे पत्र और नया पियानो, दोनों शामिल थे।

घर तैयार करना हमेशा आसानी से नहीं चला। वैश्विक आर्थिक संकट में पैसे खोने के बाद जनवरी 1933 में राखमानिनोफ़ ने न्यूयॉर्क से निर्माण रोकने का तार भेजा। तीन सप्ताह बाद उन्होंने फिर ढाँचा बनाने को कहा। झील पर उन्होंने बड़ी मोटरबोट खरीदी और पानी पर समय भी बिताया। अगले वर्ष गर्मियों में रैप्सोडी पूरी होने पर उन्होंने नए घर पर खर्च किए धन की तुलना करते हुए रचना को छोटी भरपाई कहा। नए घर के काम करने वाले कमरे में संगीत पूरा करने वाले संगीतकार ने घर बनवाने के खर्च का ज़िक्र भी उसी रचना के संबंध में किया।

मुख्य विषय से पहले रूपांतर और मध्ययुगीन प्रार्थना गीत

रैप्सोडी की शुरुआत में मुख्य विषय से पहले पहला रूपांतर आता है। छोटी भूमिका के बाद पियानो और ऑर्केस्ट्रा पागानिनी के विषय की आधारभूत निचली धुन प्रस्तुत करते हैं। उसके बाद वायलिन के दो समूह एक जैसे स्वर बजाकर मूल विषय सुनाते हैं। पूरा विषय शुरुआत में देने के बजाय पहले रूपांतर के बाद बजाने का क्रम बनाया गया। संगीतकार ने पूर्ण वायलिन धुन से पहले उसे सहारा देने वाले छोटे और विरल स्वर रखे। विषय आने पर वायलिन धुन बजाता है और पियानो उसमें ज़ोर वाले स्वर जोड़ता है।

दूसरे से पाँचवें रूपांतर तक संगीत लय की ताकत से आगे बढ़ता है। छठे में पियानो अधिक स्वतंत्र रूप में बजता है। नौवें रूपांतर में तार वादक धनुष की लकड़ी से तार बजाने वाला कोल लेन्यो इस्तेमाल करते हैं। एकल वादक और ऑर्केस्ट्रा अलग लयों से आमने-सामने आते हैं। दसवें में मार्च का स्वभाव आता है और ग्यारहवें में पियानो चमकदार कादेंत्सा बजाता है। हर रूपांतर में वादन का तरीका, मात्राएँ और एकल वादक का काम बदला गया। एक ही विषय से कई स्वभावों का संगीत बना।

सातवें रूपांतर में आने वाला दिएस इरे बाद के रूपांतरों में भी लौटता है। यह मध्ययुग से चली आ रही धार्मिक धुन है। कैथोलिक प्रार्थना में इसे मृत्यु और न्याय के विषय पर गाया जाता था। राखमानिनोफ़ ने कई रूपांतरों में पागानिनी के विषय के साथ यह धुन इस्तेमाल की। रैप्सोडी की पुरानी संगीत सामग्री में वायलिन एकल रचना का विषय और प्रार्थना का गीत साथ हैं। एक वादक का कौशल परखने वाला संगीत और कई लोगों के गाने की धुन पियानो तथा ऑर्केस्ट्रा की एक रचना में बारी-बारी आते हैं।

धीमे हिस्से को समाप्त करता अठारहवाँ रूपांतर

बीच के बारहवें और तेरहवें रूपांतर डी माइनर के तीन मात्राओं वाले नृत्य बनते हैं। चौदहवें और पंद्रहवें में एफ़ मेजर है। पंद्रहवाँ अधिकतर पियानो अकेले बजाता है। सोलहवें और सत्रहवें के बाद अठारहवें में डी-फ़्लैट मेजर की लंबी धुन आती है। तेज़ रूपांतरों और कादेंत्सा से गुज़र चुका एकल कलाकार अब गीत की तरह स्वर जोड़ता है। हर रूपांतर में अलग स्वरक्रम और मात्राएँ चुनने वाले राखमानिनोफ़ ने अठारहवें में एक धुन पियानो और तार वाद्यों को क्रम से दी।

बारहवें से अठारहवें रूपांतर को कॉन्सर्टो के धीमे हिस्से के समान संगीत समझा जा सकता है। उनमें अठारहवाँ सबसे लंबा है। पियानो पहले बारह मेज़र की धुन बजाता है, फिर तार वाद्य शामिल होते हैं। एकल वादक के पहले गाए अंश को अधिक तार वाद्य आगे बजाते हैं और वाद्य समूह फैलता है। अठारहवें के समाप्त होने पर अंतिम छह रूपांतर आते हैं। रैप्सोडी तेज़ शुरुआत, धीमे मध्यभाग और तेज़ अंतिम संगीत को एक रचना में बाँधती है।

पागानिनी के कैप्रिस नंबर 24 के मुख्य विषय की स्वरलिपि।
पागानिनी के कैप्रिस नंबर 24 के मुख्य विषय की स्वरलिपि।

अठारहवाँ रूपांतर बनाने की मुख्य तकनीक धुन का इन्वर्ज़न, यानी दिशा उलटना है। ऊपर जाने वाला स्वर-अंतर नीचे की दिशा में और नीचे जाने वाला ऊपर की दिशा में लिखा जाता है। राखमानिनोफ़ ने इस दिशा परिवर्तन के साथ मेजर के स्वरसमूह जोड़े। पागानिनी के विषय के स्वर इस्तेमाल करने पर भी अठारहवाँ रूपांतर लंबे गीत जैसी नई धुन बन गया। पियानो के इस हिस्से पर आंदांते कांतेबिले (Andante cantabile) का निर्देश है। कांतेबिले का अर्थ गीत की तरह बजाना है।

पियानो धुन को सरल रूप में प्रस्तुत करता है। तार वाद्यों के आगे लेने के बाद संगीत अधिक बड़ा हो जाता है। इस हिस्से में संगीतकार ने पियानो के तेज़ स्वर कम किए और उसे लंबी धुन दी। लंबे गीत को अकेले एकल कलाकार के पास रखने के बजाय उन्होंने वही धुन तार वाद्य समूह को भी दी। मूल वायलिन विषय को उलटने की रचना तकनीक और पियानो से तार वाद्यों तक जाने वाला वाद्य परिवर्तन इस रूपांतर में साथ होते हैं।

संगीतकार की बजाई पहली प्रस्तुति और बैले

7 नवंबर 1934 को बाल्टिमोर की पहली प्रस्तुति में राखमानिनोफ़ ने पियानो बजाया। लियोपोल्ड स्टोकोफ़्स्की ने फ़िलाडेल्फ़िया ऑर्केस्ट्रा का संचालन किया। पियानो के लिए नई रचना लिखने के बाद संगीतकार ने उसे अपनी संगीत यात्राओं में जोड़ा। उसी वर्ष उन्होंने फ़िलाडेल्फ़िया ऑर्केस्ट्रा के साथ रिकॉर्डिंग भी की। स्विट्ज़रलैंड में रचना पूरी करने वाली गर्मी और अमेरिका में उसे बजाने वाला पतझड़ एक ही वर्ष में आए। रचनाकार के रूप में उन्होंने एकल वादक और ऑर्केस्ट्रा का जो आदान-प्रदान तय किया, उसे पियानोवादक बनकर स्वयं बजाया।

रैप्सोडी ऑन अ थीम ऑफ़ पागानिनी की पहली प्रस्तुति का संचालन करने वाले लियोपोल्ड स्टोकोफ़्स्की।
रैप्सोडी ऑन अ थीम ऑफ़ पागानिनी की पहली प्रस्तुति का संचालन करने वाले लियोपोल्ड स्टोकोफ़्स्की।

1939 में नृत्य निर्देशक मिखाइल फ़ोकिन ने रैप्सोडी पर पागानिनी बैले बनाया। राखमानिनोफ़ के सुझाए कथानक में वायलिनवादक से जुड़ी शैतान की किंवदंती थी। पागानिनी के असाधारण कौशल के कारण फैली अफ़वाह को मंच की कहानी बनाया गया। लंदन में प्रस्तुत इस बैले ने रचना के वायलिन विषय और मृत्यु के प्रार्थना गीत के साथ पात्र और शारीरिक गति जोड़ी। पागानिनी के एकल विषय ने पियानो तथा ऑर्केस्ट्रा के रूपांतरों से होते हुए नर्तकों के नृत्य संगीत का रूप भी लिया।

सेनार में गिरकर घायल होने के कारण राखमानिनोफ़ लंदन के कोवेंट गार्डन में बैले की पहली प्रस्तुति नहीं देख सके। उसी वर्ष उन्होंने ब्रिटेन में अपनी अंतिम प्रस्तुतियाँ दीं और स्विट्ज़रलैंड के घर से अमेरिका चले गए। अगस्त 1939 में ल्यूसर्न में बजाने के बाद उन्होंने सेनार हमेशा के लिए छोड़ दिया। जिस घर में अठारहवाँ रूपांतर लिखा था, वहाँ की गर्मियाँ युद्ध से पहले समाप्त हुईं। रैप्सोडी आगे भी पियानोवादकों, ऑर्केस्ट्रा और नर्तकों के बजाने और नाचने की रचना रही।

अलग से बजाया जाने वाला अठारहवाँ रूपांतर

आज अठारहवाँ रूपांतर पूरी रैप्सोडी से अलग बजाई जाने वाली रचना के रूप में भी प्रचलित है। प्रकाशकों ने एकल पियानो, वायलिन और पियानो, चेलो और पियानो तथा काष्ठवायु वाद्यों और पियानो जैसे कई समूहों की स्वरलिपियाँ प्रकाशित की हैं। इन संयोजनों में पियानो और ऑर्केस्ट्रा के बीच चलती धुन दो कलाकारों या एकल वादक को दी जाती है। माहिना की सूची में सेसिल ऊसे का बजाया अठारहवाँ रूपांतर है। पागानिनी की वायलिन धुन उलटकर और उसे तार वाद्यों तक पहुँचाकर बनाया गया वह लंबा गीत भोजन की संगीत सूची में स्वतंत्र अंश के रूप में शामिल है।

माहिना में सुनने का संगीत

माहिना की दोपहर और शाम के संगीत में सेसिल ऊसे का बजाया अठारहवाँ रूपांतर है। सूची में पागानिनी का कैप्रिस नंबर 24 भी शामिल है। दोनों रचनाएँ सुनते समय मूल विषय और उसे उलटकर बनाई धुन की तुलना कर सकते हैं।